प्रतिबंधों पर कोर्ट में कपिल सिब्बल की दलील-धारा 144 में राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लेख नहीं, केंद्र का दावा गलत

नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट में आज जम्मू-कश्मीर में लगे प्रतिबंधों से संबंधित याचिका पर सुनवाई हुई। यह याचिका अनुराधा भसीन और कांग्रेस नेता गुलाम नबी आजाद ने दायर की है। बुधवार को याचिकाकर्ताओं की ओर से वकील कपिल सिब्बल ने दलील दी। सिब्बल ने कहा कि धारा 144 में राष्ट्रीय सुरक्षा का उल्लेख नहीं है। ऐसे में केंद्र सरकार की दलील गलत है कि इसने राष्ट्रीय सुरक्षा के कारण कश्मीर में कर्फ्यू लागू किया है।

याचिका में कश्मीर में इंटरनेट, संचार सेवाओं समेत अन्य प्रतिबंधों को चुनौती दी गई है। 5 अगस्त को कश्मीर में धारा 370 निष्प्रभावी करने के बाद सरकार ने कई प्रकार के प्रतिबंध लगाए थे। कोर्ट ने 21 नवम्बर को केंद्र को जम्मू कश्मीर में प्रतिबंधों से संबंधित सभी सवालों का जवाब मांगा था।जस्टिस एनवी रमना,जस्टिस आर सुभाष रेड्‌डी और जस्टिस बीआर गवई की बेंच ने दलीलों को सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया।

सरकार ने इंटरनेट प्रतिबंध को न्यायपूर्ण बताया था
सॉलिसिटर जनरल (एसजी) तुषार मेहता ने मंगलवार को कोर्ट को जवाब सौंपा था। उन्होंने कहा था कि राष्ट्रीय हित में प्रतिबंध लगाए गए हैं। डार्क वेब से आतंकी गतिविधियां फैलाई जा सकती है। वॉट्सएप् और टेलेग्राम का उपयोग गलत संदेश फैलाने के लिए हो सकता है। जिहादी नेता अवैध गतिविधियों और उकसाऊ भाषणों के लिए इंटरनेट का उपयोग कर सकते हैं। इसे रोकने के लिए जम्मू कश्मीर में इंटरनेट पर प्रतिबंध न्यायपूर्ण है। सरकार सुनिश्चित कर रही है कि लोगों को कम से कम असुविधा हो।

DBApp

आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
प्रतीकात्मक फोटो।


from Dainik Bhaskar /national/news/kapil-sibal-on-kashmir-restrictions-over-section-144-imposed-in-kashmir-valley-126150882.html
via IFTTT Dainik Bhaskar,,327

Post a Comment

0 Comments