श्रीनगर. नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष और जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला ने कांग्रेस नेता शशि थरूर को चिट्ठी लिखी है। इसमें अब्दुल्ला ने खुद को लगातार निगरानी में रखे जाने पर असंतुष्टि जताई है। अब्दुल्ला ने लिखा है- “हम कोई अपराधी नहीं, जो हमारे ऊपर नजर रखी जा रही है।”
अब्दुल्ला ने यह चिट्ठी थरूर की तरफ से अक्टूबर में लिखे गए पत्र के जवाब में है। अब्दुल्ला ने चिट्ठी लिखने के लिए थरूर का शुक्रिया जताते हुए कहा कि मुझे मजिस्ट्रेट की तरफ से चिट्ठी देर से मिली। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वे मेरे पोस्ट भी मुझ तक समय से नहीं पहुंचा रहे हैं। मुझे नहीं लगता कि एक संसद के एक वरिष्ठ सदस्य और राजनीतिक दल के प्रमुख से इस तरह का बर्ताव होना चाहिए। आखिर हम अपराधी तो नहीं हैं।
अब्दुल्ला को संसद सत्र में हिस्सा लेने दे सरकार: थरूर
थरूर ने अब्दुल्ला की चिट्ठी सोशल मीडिया पर शेयर की। उन्होंने मांग की कि लोकतंत्र के खातिर अब्दुल्ला को संसद के सत्र में हिस्सा लेने दिया जाए। यह संसदीय विशेषाधिकार का मामला है। वरना गिरफ्तारी की ताकत विपक्ष की आवाज दबाने के काम आएगी। संसद में भागीदारी लोकतंत्र और स्वायत्ता के लिए जरूरी है।
अब्दुल्ला को छुड़ाने के लिए विपक्ष उठा चुका है आवाज
इससे पहले 29 नवंबर को द्रमुक के सांसदों ने संसद में महात्मा गांधी की मूर्ति के सामने विरोध प्रदर्शन किया था। उनकी मांग थी कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला को छोड़ा जाए। द्रमुक नेता कनिमोझी ने लोकसभा में कहा था कि फारूक अब्दुल्ला को संसद में होना चाहिए था, लेकिन उन्हें इसकी अनुमति नहीं है। उन्हें गिरफ्तारी में रखा गया है। हम इसी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।
5 अगस्त से हिरासत में हैं कश्मीर के बड़े नेता
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले संविधान के अनुच्छेद-370 और धारा 35ए को निरस्त करने और उसे दो केन्द्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने का फैसला किया था। इसके बाद फारूक अब्दुल्ला, उमर अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती, सज्जाद लोन सहित कई नेताओं को हिरासत में रखा गया है। इन नेताओं को हाल ही में श्रीनगर के एक बड़े होटल से सरकारी इमारत में भेजा गया है।
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