नई दिल्ली.भाजपा सांसद गौतम गंभीर ने शनिवार को कहा,नागरिकता कानून भारत या मुस्लिम विरोधी नहीं है। उन्होंने लोगों से हिंसा का रास्ता छोड़ शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन करने की अपील की। भाजपा सांसद ने आगे कहा, यह नागरिकता देने का कानून, लेने का नहीं।इससे पहले उन्होंने ट्विटर पर वीडियो मैसेज पोस्ट कर लोगों से सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान न पहुंचाने की अपील की थी।
अपने संदेश में उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा,लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए। जिस तरह आप सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं, वह किसी भी सूरत में मंजूर नहीं।राजनीतिक दलों को इसे सियासी चश्मे से नहीं देखना चाहिए। युवाओं को भड़काना नहीं चाहिए। उनका भविष्य बनाना हमारी जिम्मेदारी है।
गौतम गंभीर को फोन पर जान से मारने की धमकी मिली
इस बीच गंभीर और उनके परिवार को इंटरनेशनल नंबर से कॉल कर किसी नेहत्या की धमकी दी है। उन्होंने इस संबंध में शाहदरा के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को पत्र लिखा है। इसमेंउन्होंने कहा है, 7(400) 043 वाले अंतरराष्ट्रीय नंबर से मुझे और मेरे परिजनों को जान से मारने की धमकी मिल रही है। कृपया इस मामले में एफआईआर दर्ज करें और मेरे और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
सीएए क्या है?
भारतीय नागरिकता कानून 1955 में लागू हुआ था, जिसमें बताया गया है कि किसी विदेशी नागरिक को किन शर्तों के आधार पर भारत की नागरिकता दी जाएगी। इस कानून में हाल ही में संशोधन किया गया। इसके बाद इसका नाम बदलकर सिटीजनशिप अमेंडमेंट एक्ट यानी सीएए हो गया। इसमें पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से भारत आने वाले हिंदू, सिख, जैन, पारसी, बौद्ध और ईसाई धर्म के शरणार्थियों को नागरिकता देने का प्रावधान किया गया है।
इन तीन देशों से आने वाले इन 6 धर्मों के शरणार्थियों को भारतीय नागरिक बनने के लिए 11 साल की जगह 5 साल रहना जरूरी होगा। इन समुदायों के अवैध प्रवासी, जिन्होंने 31 दिसंबर 2014 तक भारत में प्रवेश कर लिया है, नागरिकता के लिए आवेदन कर सकते हैं।
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