लखनऊ (रवि श्रीवास्तव).उन्नाव दुष्कर्म पीड़ित की मौत के बाद परिवार सदमे में है। पिता ने शनिवार को कहा कि परिवार को एक पैसा नहीं चाहिए। बस, मेरी बेटी को इंसाफ मिले। मौत का बदला सिर्फ मौत होता है। गुनहगारों को बगैर देर किए फांसी मिले या उन्हें दौड़ाकर गोली मार दी जाए। इस बीच, सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव विधानसभा के बाहर धरने पर बैठ गए।
पिता ने आगे यह भी बताया, ‘‘परिवार को आरोपी सरेआम जान से मारने की धमकी सरेआम देते थे। कई बार यह भी कहा कि केस वापस नहीं लिया तो परिवार और बेटी को आग लगा देंगे। पुलिस को इसकी जानकारी दी, लेकिन वे हर बार टालमटोल करते रहे। बेटी की मौत की खबर अखबार से मिली। पुलिस या प्रशासन का कोई आदमी यह बताने नहीं आया। हमारे विधायक ने भी कोई खैरख्वाह नहीं ली।’’
पीड़ित की मौत के बाद उन्नाव जिले के बिहार कस्बे को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। पुलिस और जिला प्रशासन के आला अधिकारी मौके पर मौजूद हैं। कस्बे में सन्नाटा पसरा है। ग्रामीण पिछले दो दिनों से अपने घरों में दुबके हुए हैं।
‘भाजपा ही आरोपी’
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा, ‘‘ये उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार कार्यकाल में पहली घटना नहीं है। याद करिए वो समय जब एक बेटी मुख्यमंत्री आवास के सामने न्याय मांग रही थी, उसे न्याय नहीं मिला तो उसने आत्मदाह की कोशिश की। उन्नाव की एक बेटी ने तो अपना पूरा परिवार खो दिया। कौन था आरोपी। भाजपा के नेता। उन्नाव की इस घटना के लिए कौन दोषी है। इसके लिए भाजपा ही जिम्मेदार है। जो लोग आरोपी हैं, वो भी भाजपा से ही जुड़े हैं। उस बेटी का जब पूरा शरीर जला तो वो भागी। मदद की गुहार के साथ। क्या आज के समय में ऐसी घटना होगी कि कोई जिंदा जला देगा। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और डीजीपी के हटे बिना कानून व्यवस्था लागू नहीं हो सकती।’’
प्रियंका ने ट्वीट किए
मैं ईश्वर से प्रार्थना करती हूं कि उन्नाव पीड़िता के परिवार को इस दुख की घड़ी में हिम्मत दे।
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) December 7, 2019
यह हम सबकी नाकामयाबी है कि हम उसे न्याय नहीं दे पाए। सामाजिक तौर पर हम सब दोषी हैं लेकिन ये उत्तर प्रदेश में खोखली हो चुकी कानून व्यवस्था को भी दिखाता है। pic.twitter.com/0wgbXg5MLG
उन्नाव की पिछली घटना को ध्यान में रखते हुए सरकार को तत्काल पीड़िता को सुरक्षा क्यों नहीं दी गई? जिस अधिकारी ने उसका FIR दर्ज करने से मना किया उस पर क्या कार्रवाई हुई? उप्र में रोज रोज महिलाओं पर जो अत्याचार हो रहा है, उसको रोकने के लिए सरकार क्या कर रही है ?
— Priyanka Gandhi Vadra (@priyankagandhi) December 7, 2019
‘जान के बदले जान चाहिए’
दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल मेंमां ने रोते हुए दैनिक भास्कर APP से बात की। उन्होंने कहा,‘‘हमारे साथ तो उन लोगों ने कोई कसर नहीं छोड़ी। हमारा तो सबकुछ उजड़ गया। अब जैसे हमारी बिटिया की जान गई है, हमें भी जान के बदले जान चाहिए।’’वहीं, पीड़ितके भाई ने कहा कि मैं कुछ भी कह पाने की स्थिति में नहीं हूं। हमारे साथ अब हमारी बहन नहीं है। पांचों आरोपियों को सिर्फ मौत की सजा मिलनी चाहिए, इससे कम कुछ नहीं।
अब मैं लड़ाई लड़ूंगी : पीड़ित की बहन
पीड़ित से एक साल बड़ी बहन ने कहा,‘‘हमारी बहन हमारा संबल थी। वह छोटी जरूर थी, लेकिन हमारे परिवार के लिए प्रेरणादायक थी। अब हम उसकी मौत के बाद चुप नहीं बैठेंगे। अब हम उसकी लड़ाई लड़ेंगे। जब तक आरोपियों को सजा नहीं मिलती, तब तक मेरी लड़ाई जारी रहेगी। मुझे तो आरोपियों ने पहले ही बदनाम कर दिया है। अब कुछ भी हो जाए,चाहे मुझे भी जला दिया जाए, लेकिन मैं अपनी बहन के हत्यारों को नहीं छोड़ूंगी।शव के पोस्टमाॅर्टम होने के बाद हम लोग सीधे उन्नाव अपने गांव जाएंगे। अंतिम संस्कार वहीं होगा।’’
पीड़ित ने देर रात दम तोड़ा
90% झुलसी उन्नाव की दुष्कर्म पीड़ित ने शुक्रवार रात 11.40 बजे कार्डियक अरेस्ट के बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया। 5 दिसंबर की देर शामउसे एयरलिफ्ट कर दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल लाया गया था। जमानत पर छूटे दुष्कर्म के आरोपियों ने गुरुवार तड़के उसे जलाया दिया था।

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