दोषी विनय ने दया याचिका खारिज होने को चुनौती दी, सुप्रीम कोर्ट में आज सुनवाई

नई दिल्ली.निर्भया के गुनहगार विनय शर्मा की याचिका पर गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। उसने दया याचिका खारिज करने के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के फैसले को चुनौती दी है। वकील एपी सिंह के जरिए दायर अर्जी में विनय ने कहा कि वह मानसिक रूप से बीमार है और कानूनन मानसिक रोगी को फांसी नहीं दी जा सकती। राष्ट्रपति ने 1 फरवरी को विनय की दया याचिका खारिज कर दी थी।

याचिका में विनय ने कहा कि तिहाड़ जेल में लगातार टार्चर किए जाने से उसे 'इमेंस साइकोलॉजिकल ट्रॉमा' नाम की मानसिक बीमारी हो गई है। उसने जेल में इलाज के दस्तावेज देते हुए फांसी की सजा को उम्रकैद में बदलने की मांग की।

अलग-अलग फांसी देने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहुंची सरकार
इससे पहले, निर्भया के दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की मांग को लेकर केंद्र और दिल्ली सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में अपील की। अदालत ने चारों दोषियों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा। जस्टिस आर भानुमति की अध्यक्षता वाली बेंच में जस्टिस अशोक भूषण और एएस बोपन्ना की बेंच 14 फरवरी को इस मामले में सुनवाई करेगी। सुप्रीम कोर्ट ने यह भी साफ किया कि इस सुनवाई का ट्रायल कोर्ट द्वारा नया डेथ वारंट जारी करने के मामले पर असर नहीं पड़ेगा।

हाईकोर्ट ने अलग-अलग फांसी देने की मांग खारिज की थी

  • दिल्ली हाईकोर्ट ने 5 फरवरी को कहा था- निर्भया के चारों दुष्कर्मियों को अलग-अलग फांसी नहीं दी जा सकती। हालांकि, अदालत ने स्पष्ट कर दिया था कि दोषी को 7 दिन में अपने सभी कानूनी विकल्प पूरे करने होंगे। हालांकि, अब तक दोषी पवन ने क्यूरेटिव पिटीशन और दया याचिका का इस्तेमाल नहीं किया है।
  • 31 जनवरी को पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के चारों दोषियों मुकेश, अक्षय, पवन और विनय की फांसी पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी। केंद्र और तिहाड़ जेल प्रशासन ने इस फैसले के लिए खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। केंद्र ने अपनी याचिका में हाईकोर्ट के इसी फैसले को चुनौती दी थी।


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Convicted Vinay challenged mercy plea, hearing in Supreme Court today


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