मोदी की रैली में भीड़ हो या अक्षय का चंद्रयान के लिए संपत्ति दान का मैसेज, फेसबुक बताएगा- फेक है या सही

जयपुर (राजेन्द्र गौतम).साेशल मीडिया पर फेक न्यूज और फेक वीडियाे वायरल हाेने के चलते अब फेसबुक ने फेक न्यूज पहचानने व हटाने के लिए नया ऑप्शन शुरू किया है। अगर काेई गलत जानकारी या वीडियाे वायरल करेगा ताे फेसबुक सत्यता जांचेगा और बार-बार फेक न्यूज डालने वालों को ब्लॉक भी करेगा। फिर चाहें मोदी की रैली में लाखों की भीड़ का दावा हो या अक्षय कुमार का चंद्रयान-3 के लिए संपत्ति दान करने का मैसेज, फेसबुक बताएगा कि ये सही है या गलत।

आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस लर्निंग मशीन लगाएगी पता

  • फेसबुक ने फेक न्यूज की पहचान के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस लर्निंग मशीन का सहारा लिया है। इसके लिए फेसबुक आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के माध्यम से ऐसी फाेटाे या पाेस्ट की पहचान कर रहा है जाे लगातार वायरल हाे रही है।
  • ऐसी पाेस्ट जाे लाेगाें से इमाेशनली कनेक्ट रही है। फाेटाे या पाेस्ट की पहचान के बाद इनसे जुड़ी हुई मीडिया की खबराें के जरीए इनकी जांच पड़ताल की जाती है। ये सारी जांच राेबाेट्स के माध्यम से हाे रही है। जांच में पाेस्ट के तथ्य या न्यूज गलत पाई जाती है ताे उस पर अलर्ट का निशान दिखाई देगा। इस अलर्ट पर क्लिक करते ही यूजर काे पाेस्ट या तथ्य के बारे में सही जानकारी मिल जाएगी।
  • यूजर भी फेसबुक पर फेक न्यूज काे पहचान कर इसके बारे में रिपाेर्ट कर सकता है। इसके लिए यूजर काे किसी पाेस्ट काे फर्जी रूप में रेटिंग देनी होगी। इस नए फीचर काे सिक्याेरिटी रिसर्चर राजशेखर राजहरिया ने सबसे पहले स्पाॅट किया और ये जानकारी भास्कर से शेयर की।

फेक न्यूज के एक साल में दर्ज हुए थे 170 केस
फेक न्यूज के चलते देश भर में कई जगह पर तनाव के हालात बने हैं। तनाव और माेब लिचिंग जैसी घटनाएं हुई थी। इसके बाद केन्द्र ने विभिन्न साेशल मीडिया प्लेटफार्म पर फेक न्यूज की पहचान करने के लिए और उनकाे तत्काल हटाने के लिए दिशा निर्देश भी जारी किए थे। इसके बाद फेसबुक ने इस तरह की अलर्ट व्यवस्था की है। देश में वर्ष 2017 में एक साल में फेक न्यूज के 170 मामले दर्ज हुए थे।

एक्सपर्ट बोले- पुलिस के लिए ये बड़ा मुश्किल था
साइबर एक्सपर्ट राजशेखर ने बताया कि फेक न्यूज काे ढूंढ़ना और उसे हटाना पुलिस और गवर्नमेंट के लिए लगभग नामुनकिन ही था। फेसबुक की एआई से अब फेक न्यूज काे हटाने में मदद मिलेगी। देश में कई जगह पर तनाव का कारण साेशल मीडिया पर फेक न्यूज रहा है। इसके चलते कई बार इंटरनेट तक बंद रखा जाता रहा है। अब फेक न्यूज की पहचान हाेने से इस तरह के मामलाें में कमी आएगी।



आज की ताज़ा ख़बरें पढ़ने के लिए दैनिक भास्कर ऍप डाउनलोड करें
अगर काेई गलत जानकारी या वीडियाे वायरल करेगा ताे फेसबुक सत्यता जांचेगा। -फाइल फोटो


from Dainik Bhaskar /rajasthan/jaipur/news/facebook-has-started-a-new-option-to-identify-fake-news-126290076.html
via IFTTT Dainik Bhaskar,,327

Post a Comment

0 Comments